कृषि ऋण
कृषिगत उद्देश्यों के लिये विभिन्न प्रकार की साख सीमायें यथा मौसमी परिचालन हेतु अल्पकालीन साख सीमा, मध्यकालीन परिवर्तन ऋण, उर्वरक नगद साख सीमा जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों को स्वीकृत की जाती हैं। वर्ष 2014-15 में जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों के माध्यम से रू.15000.00 करोड़ के कृषि उत्पादन ऋण वितरण का लक्ष्य रखा गया था जिसके विरूद्व जिला बैंकों द्वारा रू. 13597.88 करोड़़ का ऋण वितरण किया गया है।
अल्पकालीन (मौसमी कृषि परिचालन) उत्पादन ऋण
मौसमी कृषि उत्पादन हेतु तिलहन और आॅयलपाम पर राष्ट्रीय मिशन, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के अंतर्गत दलहन, आदिवासी जनसंख्या विकास योजना एवं अन्य फसलों के लिये जिला सहकारी बैंकों को अल्पकालीन साख सीमायें उपलब्ध करायी जाती हैं।
(अ) अन्य फसलों हेतु अल्पकालीन साख सीमा
वर्ष 2014-15 में प्रदेश के जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों को शीर्ष बैंक के माध्यम से नाबार्ड द्वारा मौसमी कृषि उत्पादन हेतु अन्य फसलों के लिये राशि रू. 3674.33 करोड़ एवं शीर्ष बैंक द्वारा स्वयं की निधियों से राशि रू.896.65 करोड़ की अल्पकालीन साख सीमा स्वीकृत की गई। इस प्रकार अन्य फसलों हेतु कुल राशि रू.4570.98 करोड़ की साख सीमा स्वीकृत की गई।
(ब) तिलहन और आॅयलपाम पर राष्ट्रीय मिशन अन्तर्गत अल्पकालीन साख सीमा
वर्ष 2014-15 में प्रदेश के जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों को शीर्ष बैंक के माध्यम से नाबार्ड द्वारा मौसमी कृषि उत्पादन हेतु तिलहन और आॅयलपाम पर राष्ट्रीय मिशन योजनांतर्गत फसलों के लिये राशि रू. 2135.80 करोड़ एवं शीर्ष बैंक द्वारा स्वयं की निधियों से राशि रू.492.80 करोड़ की अल्पकालीन साख सीमा स्वीकृत की गई। इस प्रकार तिलहन फसलों हेतु कुल राशि रू.2628.60 करोड़ की साख सीमा स्वीकृत की गई।
(स) राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन - दालें अंतर्गत अल्पकालीन साख सीमा
वर्ष 2014-15 में प्रदेश के जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों को शीर्ष बैंक के माध्यम से नाबार्ड द्वारा मौसमी कृषि उत्पादन हेतु दलहन फसलों के लिये राशि रू.120.82 करोड़ एवं शीर्ष बैंक द्वारा स्वयं की निधियों से राशि रू.15.00 करोड़ की अल्पकालीन साख सीमा स्वीकृत की गई । इस प्रकार दलहन फसलों के लिये कुल राशि रू.135.82 करोड़ की साख सीमा स्वीकृत की गई।
(द) आदिवासी जनसंख्या विकास योजनांतर्गत अल्पकालीन साख सीमा
आदिवासी जनसंख्या के विकास हेतु वर्ष 1995-96 में भारत शासन द्वारा एक विशेष कार्यक्रम अंतर्गत 14 जिलों में वर्ष 2014-15 में नाबार्ड द्वारा राशि रू.669.03 करोड़ एवं शीर्ष बैंक की निधियों से राशि रू.208.00 करोड की साख सीमा स्वीकृत की गई। इस प्रकार आदिवासी जनसंख्या के विकास हेतु कुल राशि रू.877.03 करोड़ की साख सीमा स्वीकृत की गई।
प्राकृतिक आपदा के फलस्वरूप अल्पकालीन फसल ऋण को मध्यकालीन ऋणों में परिवर्तनः-
प्राकृतिक आपदा के फलस्वरूप क्षतिग्रस्त हुई फसलों के लिये रबी 2012-13 में 10 जिला सहकारी बैंकों के राशि रू.37.88 करोड़ के अल्पकालीन फसल ऋण को मध्यकालीन ऋण में परिवर्तित किया गया, खरीफ 2013 में 10 जिला बैंको की अल्पकालीन ऋण राशि रू.490.53 करोड़ रबी 2013-14 में 21 बैंको की राशि रू.205.18 करोड़ तथा रबी 2014-15 मे राशि रू.31.11 करोड़ के अल्पकालीन फसल ऋण को मध्यकालीन ऋण मे परिवर्तित किया गया।
लघु एवं सीमांत कृषकों को ऋण वितरणः-
राज्य के लघु एवं सीमांत कृषकों को वर्ष 2014-15 में राशि रू.6161.99 लाख का अल्पकालीन फसल उत्पादन ऋण स्वीकृत किया गया।
रासायनिक खाद नगद साख सीमा:-
म.प्र.राज्य सहकारी विपणन संघ मर्या. भोपाल से रासायनिक खाद क्रय हेतु वर्ष 2014-15 में प्रदेश के 26 जिला सहकारी बैंकों को राशि रू.97.00 करोड़ की रासायनिक खाद नगद साख सीमा स्वीकृत की गई तथा वर्ष 2014-15 के दौरान 21.39 मी.टन खाद कृषकों को प्राथमिक कृषि सहकारी साख समितियों के माध्यम से उपलब्ध कराई गई।
कृषि ऋण वितरणः-
वर्ष 2014-15 में राज्य में प्राथमिक कृषि सहकारी साख समितियों के माध्यम से राशि रू.15000.00 करोड़ के ऋण वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। 38 जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों द्वारा प्राथमिक कृषि सहकारी साख समितियों के माध्यम से खरीफ एवं रबी मौसम में वितरित ऋण की वर्षवार प्रगति की जानकारी निम्नानुसार हैः-
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वर्ष
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खरीफ वितरण
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रबी वितरण
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कुल वितरण
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वर्ष 2003-04 की तुलना में वृद्वि का प्रतिशत
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लक्ष्य
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वितरण
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लक्ष्य
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वितरण
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लक्ष्य
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वितरण
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2011-12
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4500.00
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4812.18
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2000.00
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2817.09
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6500.00
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7629.27
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498.85
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2012-13
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5500.00
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6575.93
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3000.00
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3767.15
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8500.00
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10343.08
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711.87
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2013-14
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7800.00
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8074.69
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4200.00
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4611.53
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12000.00
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12686.22
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995.79
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2014-15
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9750.00
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8528.70
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5250.00
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5069.18
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15000.00
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13597.88
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1067.35
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किसान क्रेडिट कार्ड योजना:-
कृषक सदस्यों को किसान क्रेडिट कार्ड योजनांतर्गत ऋण सुविधा प्रदान करने के लिये 15 जिला सहकारी बैंकों में किसान क्रेडिट कार्ड की शुरूआत की गई जिसे बाद में राज्य के समस्त जिला सहकारी बैंकों में प्राथमिक कृषि सहकारी साख समितियों के माध्यम से लागू किया गया। वर्षवार प्रगति की जानकारी निम्नानुसार हैः-
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वर्ष
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कुल वितरित किसान क्रेडिट कार्ड
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2011-12
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4292172
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2012-13
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4564052
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2013-14
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4733963
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2014-15
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5151829
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प्रदेश में किसान क्रेडिट कार्ड वितरण में हम बडे अंशधारी हैं। दिनांक 31.03.2016 पर कुल वितरित किसान क्रेडिट कार्ड 7408866 में से हमारा अंश 5262534 है, जो कि कुल वितरित कार्ड का 67.25 प्रतिशत है।
शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पावधि फसल ऋण
राज्य शासन के निर्णयानुसार वर्ष 2012-13 से राशि रू 3.00 लाख तक के फसल ऋण समय पर अदा करने वाले कृषकों को 0 प्रतिशत ब्याज दर पर पैक्स के माध्यम से उपलब्ध कराया जा रहा है। इस हेतु राज्य शासन द्वारा 6 प्रतिशत एवं केन्द्र शासन द्वारा 5 प्रतिशत (2+3) ब्याज अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। वर्ष 2015-16 मे राज्य शासन से राशि रू. 871.97 करोड़ का ब्याज अनुदान प्राप्त कर प्रदेश के प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों को उपलब्ध कराया गया है।
मुख्यमंत्री कृषक सहकारी ऋण सहायता योजना
राज्य शासन द्वारा प्रदेश के किसानों को प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों से खाद बीज आदि के लिये दिये गये अल्पावधि वस्तु ऋण पर 10 प्रतिशत अधिकतम 10,000/- दोनो मे से जो भी कम हो, प्रति कृषक प्रतिवर्ष का अनुदान रबी 2015-16 से दिये जाने हेतु राज्य शासन द्वारा मुख्यमंत्री कृषक सहकारी ऋण सहायता योजना लागू की गई है। योजना का लाभ उन्हीं कृषको को मिलेगा जिनके द्वारा प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों से लिये अल्पावधि ऋण में से नगद ऋण की शत-प्रतिशत एवं वस्तु ऋण की 90 प्रतिशत राशि की अदायगी ड्यू डेट तक की जावेगी।